नैनीताल: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मानसखंड परियोजना के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास मार्ग का निर्माण कार्य अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बाईपास के बन जाने से भविष्य में मंदिर क्षेत्र में लगने वाले भीषण जाम से निजात मिलेगी और यात्रा सुगम हो सकेगी। पहले चरण के तहत सैनोटोरियम से दूनाखाल तक लगभग 8 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिस पर शासन द्वारा 12 करोड़ 14 लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई है।
The construction has gained momentum after receiving necessary forest clearances, with the government allocating an additional ₹5.05 crore for hillside cutting. पहाड़ी कटान का काम शुरू होने के बाद अब अगले चरण की तैयारी है, जिसमें शिप्रा नदी पर 74 मीटर लंबा पुल बनाया जाना है। इस पुल के निर्माण के लिए 9 करोड़ 63 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण कार्य 14 जनवरी से विधिवत रूप से शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने इस पूरे प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि आने वाले पर्यटन सीजन में यात्रियों को बाईपास की सुविधा मिल सके।
Beyond traffic relief, this bypass road is expected to be a socio-economic boon for local villages like Padli and Chaursa, connecting them directly to the main transit route. इस मार्ग के बनने से न केवल श्रद्धालुओं का समय बचेगा, बल्कि स्थानीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों में भी इजाफा होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों जैसे अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को अब कैंची धाम बाजार में फंसने की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।