शिमला/दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी को लेकर प्रदेश सरकार और भाजपा सांसदों के बीच 'श्रेय' लेने की जंग छिड़ गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया है कि छैला-यशवंतनगर-ओछघाट मार्ग के लिए 200 करोड़ और चैलचौक-जंजैहली मार्ग के लिए 136 करोड़ रुपये की जो मंजूरी मिली है, उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) राज्य सरकार ने तैयार की थी। उन्होंने कहा कि बिना राज्य की मेहनत के केंद्र से कोई फंड संभव नहीं है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है, जहां वे राज्यसभा की आगामी खाली होने वाली सीट और संगठन के मुद्दों पर आलाकमान के साथ लंबी बैठकें कर रहे हैं। The Credit War over Infrastructure Funds in Himachal intensifies as Minister Vikramaditya Singh credits state-level DPRs, while CM Sukhu strategizes for the Rajya Sabha seat in New Delhi.
विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसदों की भूमिका को स्वीकारते हुए कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास होना चाहिए। उन्होंने बताया कि छैला-यशवंतनगर मार्ग के सुधरने से पांच विधानसभा क्षेत्रों के बागवानों को सीधा लाभ होगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बढ़ाने की मांग की। मंत्री ने पर्यटकों से भी भावुक अपील की है कि वे बर्फबारी या फिसलन के दौरान वाहन सड़क के बीच न छोड़ें, क्योंकि इससे पुलिस और लोक निर्माण विभाग को रास्ता खोलने में भारी दिक्कत हो रही है। This Appeal to Tourists and Fiscal Demand from Center highlights the operational and financial challenges currently faced by the Himachal government.
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य केंद्र जून माह में खाली हो रही राज्यसभा सीट (इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूर्ण होने पर) रहा। साल 2024 के राज्यसभा चुनाव में हुए 'उलटफेर' से सबक लेते हुए कांग्रेस हाईकमान इस बार बेहद सतर्क है। चर्चा है कि इस सीट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रतिभा सिंह और कौल सिंह ठाकुर जैसे कद्दावर नाम दौड़ में हैं। मुख्यमंत्री ने आलाकमान को प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों से भी अवगत कराया है। The Congress High Command's Vigilance for Rajya Sabha follows the 2024 setback, aiming for a secure and unified candidate selection this time.
मुख्यमंत्री सुक्खू वीरवार को कुछ केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश की लंबित योजनाओं और धर्मशाला के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि पर भी बात कर सकते हैं। इसके बाद उनके शिमला लौटने का कार्यक्रम है। विक्रमादित्य सिंह ने सेब आयात पर शुल्क बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक स्थानीय किसानों को संरक्षण नहीं मिलेगा, 'मेक इन इंडिया' का सपना अधूरा है। राज्य में एक ओर जहाँ विकास कार्यों की गति तेज करने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर राज्यसभा सीट के लिए अंदरूनी समीकरणों को साधने की कवायद ने ठंड के मौसम में भी सियासी पारा बढ़ा दिया है। The Upcoming Selection for the Rajya Sabha Seat will be a litmus test for the Sukhu government's internal cohesion and its standing with the central leadership.