संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण: 'विकसित भारत' की झलक और विकास के नए आयामों पर नितिन नवीन व चिराग पासवान का बड़ा बयान


नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का आगाज़ बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के ऐतिहासिक अभिभाषण के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने 'बढ़ते भारत' की एक सशक्त तस्वीर पेश की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रपति के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विकास के ऐसे नए आयाम गढ़ रहा है जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार किसान, मजदूर और युवाओं की चिंताओं को प्राथमिकता दे रही है। आधारभूत संरचना (Infrastructure) में अभूतपूर्व प्रगति और मेडिकल व हेल्थ एजुकेशन के क्षेत्र में बढ़ता निवेश भारत के विकास के मुख्य मापदंड बन रहे हैं। The Vision of a Rising India as articulated in the President's address showcases the nation's rapid transformation into a global economic powerhouse.

नितिन नवीन ने कृषि और उत्पादन क्षेत्र की उपलब्धियों पर जोर देते हुए बताया कि भारत 150 मिलियन टन से अधिक चावल उत्पादन के साथ विश्व का शीर्ष केंद्र बन चुका है। साथ ही, मछली उत्पादन में भी देश दुनिया में दूसरे पायदान पर है। उन्होंने 'लुक ईस्ट' (Look East) संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बिहार, बंगाल, ओडिशा और झारखंड जैसे पूर्वी राज्यों के विकास से ही समग्र भारत की प्रगति को गति मिल रही है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में गरीब कल्याण की योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। This Commitment to Regional and Economic Growth highlights the strategic focus on empowering the eastern states and enhancing global agricultural leadership.

बजट सत्र के उत्साह के बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि वे जमीन से जुड़े एक ऐसे नेता थे जिनकी अपने विषयों पर बेहद मजबूत पकड़ थी। चिराग ने कहा कि अजित दादा का जाना न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। The Tribute to Ajit Pawar by political leaders across party lines reflects his vast influence and the respect he commanded in the Indian political landscape.

संसद के इस सत्र में राष्ट्रपति ने देश की आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तार से वर्णन किया। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में सबसे आगे खड़ा किया जाए। नितिन नवीन के अनुसार, आधारभूत संरचना के साथ-साथ डिजिटल क्रांति और जनकल्याणकारी नीतियां इस सपने को हकीकत में बदल रही हैं। सत्र की शुरुआत में ही विकास के इन आंकड़ों ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चर्चाओं का आधार तय कर दिया है। This Parliamentary Budget Session 2026 is set to be a definitive one, focusing on long-term sustainability and grassroots development.


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