शिमला/ऊना/मंडी: हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का सितम जारी है, जिसने न केवल आम जनजीवन बल्कि परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। जिला ऊना में बुधवार को धुंध के कारण दृश्यता महज 50 मीटर रह गई, जिसके चलते रेल सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। दिल्ली से आने वाली हिमाचल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे की देरी से पहुंची, जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस 1 घंटा और साबरमती एक्सप्रेस 51 मिनट की देरी से ऊना स्टेशन पर रुकीं। हरिद्वार-अम्ब अंदौरा ट्रेन को धुंध के कारण नंगल में ही रोकना पड़ा। ऊना में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जहाँ दोपहर तक कोहरे की चादर छाई रहने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
The biting cold has also claimed a life in the Parvati Valley, where a 65-year-old resident of Jalandhar, Ravinder Kumar, was found dead in a tent at Bhurji, Manikarn. पिछले 40 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे रविंद्र कुमार की मृत्यु अत्यधिक ठंड के कारण शरीर के अकड़ने से मानी जा रही है। एसपी कुल्लू मदन लाल के अनुसार, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनजातीय क्षेत्रों जैसे कुकुमसेरी और ताबो में तापमान शून्य से 5 डिग्री नीचे चला गया है, जिससे समूचा प्रदेश सूखी ठंड की चपेट में है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण निचले इलाकों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिसका फसलों और बागवानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
However, there is a ray of hope for farmers and tourists as the Meteorological Centre Shimla has predicted a change in weather due to a Western Disturbance. मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 20 जनवरी के बीच राज्य के उच्च पर्वतीय और जनजातीय इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुरुवार को भी मैदानी इलाकों में घनी धुंध और शीतलहर का 'येलो अलर्ट' जारी रहेगा। इस संभावित बर्फबारी से न केवल सूखे की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिमला और मनाली पहुंचने वाले पर्यटकों की उम्मीदें भी पूरी हो सकेंगी। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।