ग्रेटर नोएडा/सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश में अपराध और सुरक्षा से जुड़ी दो बड़ी घटनाओं ने सनसनी फैला दी है। ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में नहर किनारे मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने उसके पति को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान शिखा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पति, जो पेशे से कैब चालक है, ने अपनी पत्नी को किसी अन्य युवक के साथ देख लिया था। चरित्र पर शक और जलन के चलते उसने अपनी पत्नी को रिश्तेदार के घर ले जाने के बहाने कैब में बिठाया और सुनसान जंगल में ले जाकर चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। The Greater Noida Police cracked the murder case using CCTV Footage, revealing a tragic tale of suspicion and betrayal within a marriage.
दूसरी ओर, भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के एक संगठित और खौफनाक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। एक निजी न्यूज़ चैनल की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों से सटी खुली सीमा का फायदा उठाकर नेपाली लड़कियों को भारत में देह व्यापार के दलदल में धकेला जा रहा है। जांच टीम ने बढ़नी क्षेत्र में तीन दिनों तक भेष बदलकर तस्करों के नेटवर्क का पीछा किया, जिसमें एक होटल संचालक और वरुण सिंह नामक दलाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। बातचीत के दौरान दलालों ने नेपाली लड़कियों की 'कीमत' लगाने और उन्हें अवैध तरीके से सीमा पार कराने की पूरी प्रक्रिया का खुलासा किया। This Undercover Investigation has raised serious questions about Border Security and the active syndicates operating across the international boundary.
दनकौर मामले में पुलिस ने आरोपी पति को जेल भेज दिया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वहीं, नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के खुलासे के बाद सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर हैं। इन दोनों घटनाओं ने समाज में बढ़ते अविश्वास और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा की खामियों को उजागर किया है। प्रशासन अब इन सूचनाओं के आधार पर तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है। Authorities are now under pressure to intensify Surveillance on the Indo-Nepal border and ensure strict punishment for the accused in the Shikha Murder Case.