नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 27 जनवरी 2026 को हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA Deal) ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में हलचल मचा दी है। इस समझौते के बाद लग्जरी कार प्रेमियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा Land Rover Defender की हो रही है। दरअसल, डिफेंडर का निर्माण स्लोवाकिया (यूरोपीय संघ का सदस्य) में होता है, जिसके कारण यह कार अब सीधे तौर पर इस समझौते के दायरे में आ गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आयात शुल्क में भारी कटौती के बाद करोड़ों की कीमत वाली यह एसयूवी काफी सस्ती हो सकती है, जिससे यह टोयोटा फॉर्च्यूनर के हाई-एंड मॉडल्स के करीब पहुंच सकती है।
वर्तमान में, भारत में 1.03 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत वाली डिफेंडर पर 110% की भारी Import Duty लगती है। नए समझौते के तहत, यूरोपीय संघ से आने वाली पूरी तरह से निर्मित कारों (CBU) पर आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक लाने का प्रावधान है। यदि शुल्क 40% तक गिरता है, तो डिफेंडर की कीमत लगभग 68.6 लाख रुपये हो सकती है। वहीं, अंतिम चरण (10% ड्यूटी) तक पहुँचते-पहुँचते इसकी एक्स-शोरूम कीमत 53.9 लाख रुपये के आसपास आने की संभावना है। हालांकि, यह अभी भी फॉर्च्यूनर (34.16 लाख से 49.59 लाख रुपये) से थोड़ी महंगी ही रहेगी, लेकिन इनके बीच का अंतर काफी कम हो जाएगा।
हालांकि, उपभोक्ताओं को यह समझना जरूरी है कि यह राहत तुरंत नहीं मिलेगी। एफटीए के तहत टैरिफ कटौती चरणों में लागू होगी और इसका वास्तविक प्रभाव 2027-2028 तक दिखने की उम्मीद है। साथ ही, यह छूट सालाना 2.5 लाख गाड़ियों के कोटे तक ही सीमित होगी। इसके अलावा, जो लग्जरी कारें भारत में ही असेंबल (CKD) की जाती हैं, उनकी कीमतों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। लेकिन Porsche, Lamborghini और Ferrari जैसे ब्रांड्स, जो केवल आयात किए जाते हैं, उनकी कीमतों में भी भारी गिरावट देखी जा सकती है।