अलकायदा नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा प्रहार: इंटरपोल की रेड कॉर्नर लिस्ट में जमशेदपुर का अर्शियान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया पोस्टर


जमशेदपुर/नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस से पूर्व देश में आतंकी खतरों के इनपुट के बीच सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने 14 मोस्ट वांटेड संदिग्ध आतंकियों की एक सूची और पोस्टर जारी किए हैं, जिसमें जमशेदपुर के आजादनगर (रोड नंबर-14) निवासी मोहम्मद अर्शियान का नाम प्रमुखता से शामिल है। अर्शियान को अलकायदा से जुड़ा हुआ बताया गया है और उसके खिलाफ सीबीआई की सिफारिश पर इंटरपोल (Interpol) ने 'रेड कॉर्नर नोटिस' भी जारी कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब अर्शियान की तलाश केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 190 से अधिक देशों की पुलिस कर रही है। Agencies suspect that Arshiyan might be hiding abroad while maintaining links with global terror networks to coordinate subversive activities in India.

मोहम्मद अर्शियान का आतंकी कनेक्शन काफी पुराना और गहरा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसका भाई मोहम्मद जीशान पहले से ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जिसे 9 अगस्त 2017 को आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों भाइयों का नाम पहली बार 2016 में तब चर्चा में आया था, जब ओडिशा से अलकायदा के सक्रिय आतंकी अब्दुल रहमान कटकी की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में कटकी ने झारखंड और ओडिशा में फैले अलकायदा के स्लीपर सेल नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसमें अर्शियान और उसके भाई की भूमिका अहम पाई गई थी। The sibling duo is believed to be part of a radicalized cell that aimed to recruit local youth for international militant organizations.

गणतंत्र दिवस पर अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद की ओर से देश के 26 प्रमुख स्थानों पर धमाकों की धमकी के बाद जमशेदपुर पुलिस ने आजादनगर और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। पुलिस अर्शियान के पुराने संपर्कों, करीबियों और बैंक खातों की गहनता से पड़ताल कर रही है। झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर दें। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अर्शियान के लिए विदेश में छिपना मुश्किल होगा और उसे जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जा सकेगा। High-density areas, railway stations, and religious sites across the state have been placed under constant drone and CCTV surveillance.



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