नई दिल्ली: एप्पल के आईफोन यूजर्स के लिए भविष्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी की परिभाषा पूरी तरह बदल सकती है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल अपनी आगामी iPhone 18 Pro सीरीज में सीधे सैटेलाइट से जुड़ने वाला डेटा कनेक्शन फीचर जोड़ने पर काम कर रहा है। इसके लिए कंपनी एलन मस्क के Starlink (SpaceX) सैटेलाइट नेटवर्क के साथ बातचीत कर रही है। यदि यह डील फाइनल होती है, तो भविष्य के आईफोन्स बिना किसी सेलुलर नेटवर्क या सिम के भी सीमित इंटरनेट डेटा एक्सेस करने में सक्षम होंगे। The Potential Partnership between Apple and Starlink for iPhone 18 Pro aims to provide high-speed satellite 5G internet directly to smartphones by 2026.
वर्तमान में आईफोन 14 और उसके बाद के मॉडल्स में सैटेलाइट कनेक्टिविटी की सुविधा मौजूद है, लेकिन यह केवल 'Emergency SOS' और सीमित टेक्स्ट मैसेजिंग तक ही सीमित है। यानी नेटवर्क न होने पर आप केवल मदद मांग सकते हैं, लेकिन ब्राउजिंग या वीडियो कॉल नहीं कर सकते। आईफोन 18 प्रो के लिए जो नई तकनीक (Direct-to-Cell) चर्चा में है, वह यूजर को पहाड़ों, समुद्र के बीच या रिमोट इलाकों में भी इंटरनेट चलाने की आजादी देगी। Apple is reportedly developing custom satellite modems that will allow users to access web services even in "No Service" zones globally.
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने के बेहद करीब है। हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि सुरक्षा कारणों और रेगुलेटरी जांच (Security Scrutiny) की वजह से भारत में इसकी कमर्शियल लॉन्चिंग में कुछ देरी हो सकती है। IN-SPACe ने हाल ही में स्टारलिंक के जेन-1 (Gen 1) सैटेलाइट्स को मंजूरी दी है, लेकिन एडवांस 'डायरेक्ट-टू-डिवाइस' सेवाओं के लिए जरूरी जेन-2 (Gen 2) सिस्टम पर अभी बातचीत जारी है। While Starlink's Entry into India is strategically planned for 2026, the specific approval for smartphone-to-satellite data services is still under deliberation by Indian authorities.
विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट इंटरनेट शुरुआती दौर में काफी महंगा हो सकता है और इसकी स्पीड रेगुलर 5G टावर जितनी नहीं होगी। फिर भी, यह उन लोगों के लिए एक 'गेमचेंजर' साबित होगा जो एडवेंचर स्पोर्ट्स या दुर्गम क्षेत्रों में काम करते हैं। एप्पल आमतौर पर अपने फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि लॉन्च के समय ही करता है, लेकिन इंडस्ट्री लीक्स इस बार एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। This Next-Gen Satellite Technology could redefine global communication by eliminating dead zones across the planet.