तेहरान: ईरान में पिछले कई दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक बेहद हिंसक और अनियंत्रित मोड़ ले लिया है। देश भर के करीब 280 स्थानों पर हो रही झड़पों में अब तक 2,400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 18,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बिगड़ते सुरक्षा हालातों और इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी 2026 को एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों जिनमें छात्र, पर्यटक, कारोबारी और तीर्थयात्री शामिल हैं को उपलब्ध परिवहन साधनों या कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए तुरंत ईरान छोड़ने का कड़ा निर्देश दिया है।
The security situation in Iran has deteriorated sharply following a nationwide internet shutdown and reports of brutal crackdowns on protesters in major cities like Tehran, Shiraz, and Rasht. भारतीय दूतावास ने नागरिकों और 'पर्सन्स ऑफ इंडियन ओरिजिन' (PIO) को विशेष रूप से उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है जहाँ धरने या विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। एडवाइजरी में सभी भारतीयों से अपने पासपोर्ट, आईडी और अन्य इमिग्रेशन दस्तावेजों को हर समय तैयार रखने और दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में रहने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भी भारत सरकार से वहां फंसे कश्मीरी छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष विमान भेजने की अपील की है।
The international community has voiced grave concern as independent human rights organizations suggest that the actual death toll could be much higher, with some estimates reaching 12,000 during a massive crackdown on January 8 and 9. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए उन्हें 'मदद' भेजने का भरोसा दिया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिक तब तक ईरान की यात्रा करने से बचें जब तक कि स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए। आपात स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर (+989128109115, +989128109109) भी जारी किए हैं ताकि किसी भी संकट की घड़ी में भारतीयों को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।