बंगाल में चुनावी शंखनाद: 2021 के 8 चरणों के मुकाबले इस बार 3 राउंड में मतदान की तैयारी, सुरक्षा बलों की तैनाती होगी दोगुनी


कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग (EC) ने एक ऐसी ऐतिहासिक रणनीति तैयार की है जो राज्य के चुनावी इतिहास को बदल सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस बार पूरे राज्य में मतदान की प्रक्रिया को केवल 3 चरणों में समेटने की योजना है। यह 2021 के चुनावों के मुकाबले एक बड़ा बदलाव होगा, जहाँ हिंसा और संवेदनशीलता को देखते हुए 8 चरणों में वोटिंग कराई गई थी। आयोग की इस नई योजना का मुख्य आधार सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। अनुमान है कि बंगाल में इस बार अर्धसैनिक बलों के करीब 2.5 लाख जवान तैनात किए जाएंगे, जो पिछली बार की तुलना में लगभग दोगुना है।

The Election Commission’s strategy to wrap up the polls in fewer phases aims to ensure a swift and efficient electoral process while maintaining tight control over potential political violence. मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि राज्य प्रशासन कम चरणों में चुनाव कराने के लिए तैयार है, बशर्ते सुरक्षा बलों की संख्या में पर्याप्त इजाफा किया जाए। 5 जनवरी को दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भी इस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटों पर मतदान अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में होने की संभावना है, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।

The move has already stirred the political landscape, with the BJP expressing optimism that a shorter election window might limit the ruling party’s ability to counter anti-incumbency through long-drawn-out emotional narratives. भाजपा का मानना है कि 2021 में लंबे चले चुनावों ने ममता बनर्जी को रणनीतिक लाभ दिया था। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दों पर केंद्र और आयोग के साथ टकराव की स्थिति में है। फिलहाल, चुनाव आयोग का एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही बंगाल का दौरा कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा और तैयारियों का अंतिम जायजा लेगा, जिसके बाद आधिकारिक तारीखों का ऐलान किया जाएगा।



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