रावलपिंडी: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बार फिर रेल सुरक्षा की धज्जियां उड़ गई हैं। शिकारपुर जिले के सुल्तानकोट कस्बे के पास रेलवे ट्रैक पर हुए भीषण IED Blast के कारण क्वेटा से रावलपिंडी जा रही जाफर एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं। इस घातक हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने ली है। संगठन का दावा है कि उनके लड़ाकों ने रिमोट कंट्रोल डिवाइस के जरिए ट्रैक को उस समय उड़ाया जब ट्रेन वहां से गुजर रही थी। इस हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों में अफरातफरी का माहौल है और सिंध-बलूचिस्तान रेल रूट पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। The repeated targeting of Jaffar Express underscores the deteriorating security situation along the strategic rail corridors in Pakistan.
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उनके निशाने पर ट्रेन में सफर कर रहे पाकिस्तानी सेना के जवान थे। संगठन ने दावा किया है कि इस विस्फोट में सेना के कई जवान हताहत हुए हैं, हालांकि पाकिस्तानी रेल अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि धमाके के बाद रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। BRG stated that such operations would continue until their demands for regional autonomy are met, marking a significant escalation in Insurgent Activities within the Sindh region.
गौरतलब है कि जाफर एक्सप्रेस पिछले एक साल से बलूच उग्रवादी संगठनों के लिए आसान लक्ष्य बनी हुई है। मार्च 2025 में Balochistan Liberation Army (BLA) द्वारा किए गए हमले के बाद से अब तक करीब छह बार इस ट्रेन को निशाना बनाया जा चुका है। सितंबर 2025 में मस्तुंग के पास हुए धमाके में 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि दिसंबर 2025 में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा था। बार-बार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान की Railway Security Infrastructure पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है और क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है।