गुलाबी नगरी में मेट्रो का विस्तार: जेडीए ने फेज-1सी के लिए जमीन आवंटन को दी हरी झंडी, ट्रांसपोर्ट नगर तक सुगम होगा सफर



जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की भूमि एवं संपत्ति निपटान समिति ने मेट्रो फेज-1सी के निर्माण के लिए 7700 वर्ग मीटर भूमि के आवंटन और उपयोग को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के अलाइनमेंट में वन विभाग की जमीन आ रही थी, जिसके बदले में जेडीए अब आमेर तहसील के दौलतपुरा गांव में 2.01 हेक्टेयर वैकल्पिक भूमि वन विभाग को सौंपेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच चल रहे मेट्रो विस्तार कार्य में तेजी आएगी। The Jaipur Metro Phase-1C Extension has reached a major milestone with JDA approving land use for the upcoming transport corridor.

जयपुर मेट्रो का यह नया चरण मौजूदा 11.97 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन (मानसरोवर से बड़ी चौपड़) का विस्तार है। प्रस्तावित 2.85 किलोमीटर लंबे इस रूट पर मेट्रो बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगी। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसका 2.26 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत (Underground) होगा, जबकि 0.59 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके तहत रामगंज चौपड़ में एक भूमिगत स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर में एक एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। The Underground and Elevated Connectivity of this route will provide a modern transit solution for the densely populated areas of the walled city.

परियोजना के इतिहास पर नजर डालें तो जयपुर में मेट्रो का सफर 3 जून 2015 को मानसरोवर से चांदपोल के बीच शुरू हुआ था। इसके बाद सितंबर 2020 में इसे बड़ी चौपड़ तक बढ़ाया गया। फेज-1सी का शिलान्यास सितंबर 2023 में किया गया था और वर्तमान अनुमान के अनुसार, अप्रैल 2027 तक इस रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। जेडीए ने इस बैठक में चाकसू गांव में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण के लिए भी 2000 वर्ग मीटर भूमि स्वीकृत की है। This Infrastructure Push in Jaipur is set to significantly reduce traffic congestion in the old city areas and improve public transport accessibility for thousands of daily commuters.

प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर ट्रांसपोर्ट नगर को मेट्रो मैप पर लाया जाए, जिससे दिल्ली रोड की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिल सके। जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण एजेंसी टनल बोरिंग और पिलर निर्माण के कार्यों को और गति दे सकेगी। The Expansion of Jaipur's Pink Line reflects the growing urbanization needs and the government's commitment to building a smart and connected capital city.



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