"पापा, आज जा रही हूँ...": फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी का आखिरी वादा रह गया अधूरा, बेटी की याद में फूट-फूट कर रोए राकांपा कार्यकर्ता पिता



मुंबई: "पापा, कल मैं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ बारामती जाऊंगी, वहां से नांदेड़ पहुँचकर आपसे बात करूँगी।" प्रभादेवी निवासी शिवकुमार के कानों में अपनी बेटी पिंकी माली के ये आखिरी शब्द अब भी गूँज रहे हैं, लेकिन अब वे कभी अपनी बेटी की आवाज नहीं सुन पाएंगे। बुधवार को बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी मौत हो गई। अपनी होनहार बेटी को खोने के गम में डूबे शिवकुमार ने बताया कि पिंकी ने होटल पहुँचकर फोन करने का वादा किया था, पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। The Tragic Death of Flight Attendant Pinki Mali in the Baramati crash has left her family devastated, especially her father who was waiting for her routine post-flight call.

पिंकी माली पिछले पांच वर्षों से विमानन क्षेत्र में सक्रिय थीं और उन्होंने एयर इंडिया से अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे दिल्ली की कंपनी वीएसआर वेंचर्स में कार्यरत थीं। शिवकुमार ने बताया कि पिंकी इससे पहले राष्ट्रपति और कई मुख्यमंत्रियों जैसे वीवीआईपी (VVIP) के साथ उड़ान भर चुकी थीं। दिलचस्प बात यह है कि पिंकी के पिता खुद अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने याद किया कि पिछली मुलाकात 16 जनवरी को हुई थी, जब पिंकी निकाय चुनाव में मतदान करने के लिए ठाणे से मुंबई आई थीं। The Professional Journey of Pinki Mali saw her serving many high-profile leaders, showcasing her expertise and dedication in the aviation industry.

हादसे से जुड़ी एक भावुक याद साझा करते हुए शिवकुमार ने बताया कि पिछली उड़ान के दौरान पिंकी ने निडर होकर अजित पवार से अपने पिता और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर ध्यान देने की बात कही थी। इस बात से प्रभावित होकर पवार ने शिवकुमार को फोन भी किया था, लेकिन वे उस समय गाड़ी चलाने के कारण फोन नहीं उठा सके थे। शिवकुमार को क्या पता था कि वह मिस्ड कॉल और बेटी का आखिरी संदेश उनके जीवन का सबसे बड़ा पछतावा बन जाएगा। टीवी पर हादसे की खबर देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। This Poignant Connection between Father and Daughter through their shared political affiliation adds a deeper layer of grief to this national tragedy.

पिंकी की मौत से प्रभादेवी इलाके में शोक की लहर है। पड़ोसियों ने उन्हें एक स्वाभिमानी और मेहनती लड़की के रूप में याद किया जिसने अपने दम पर आसमान की ऊंचाइयों को छुआ था। अब परिवार उनकी पार्थिव देह के मुंबई पहुँचने का इंतजार कर रहा है ताकि उन्हें अंतिम विदाई दी जा सके। The Grief of a Proud Father reflects the loss of a bright young professional who was not only a support for her family but also a voice for the common party worker even at 30,000 feet.



Previous Post Next Post