जैसलमेर में पर्यटन को नई दिशा: अब लगेगा 'टूरिस्ट टैक्स', सोनार दुर्ग में प्रदूषण मुक्त गोल्फ कार्ट सेवा की शुरुआत



जैसलमेर: 'गोल्डन सिटी' के नाम से मशहूर जैसलमेर आने वाले पर्यटकों के लिए अब यात्रा का अनुभव बदलने वाला है। राजस्थान के स्वायत्त शासन विभाग ने नगर परिषद जैसलमेर को शहर में आने वाले पर्यटक वाहनों से 'यात्री कर' (Tourist Tax) वसूलने के लिए अधिकृत कर दिया है। इसके लिए शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों बाड़मेर रोड और जोधपुर रोड पर दो टोल नाके स्थापित किए जाएंगे। इस टैक्स से होने वाली आय को शहर के विकास और बुनियादी ढाँचे को सुधारने में खर्च किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय निजी वाहनों, एम्बुलेंस और सरकारी वाहनों को इस कर से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। The move aims to generate local revenue while enhancing the civic amenities for the thousands of travelers visiting the desert city.

नगर परिषद ने पर्यटकों की सुविधा के लिए वाहनों की विभिन्न श्रेणियों के आधार पर दरें निर्धारित की हैं। 35 सीटर बस के लिए 200 रुपए, 25 सीटर बस के लिए 150 रुपए, बड़ी कारों के लिए 100 रुपए और सामान्य पर्यटक टैक्सियों या जीपों के लिए 50 रुपए का शुल्क तय किया गया है। इसके अलावा, जैसलमेर की पहचान 'सोनार दुर्ग' (जैसलमेर किला) क्षेत्र में भीड़भाड़ और प्रदूषण कम करने के लिए गोल्फ कार्ट सेवा शुरू की जा रही है। नीरज बस स्टैंड से दुर्ग तक चलने वाली ये इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट्स पर्यटकों को सुलभ आवागमन प्रदान करेंगी, जिसका किराया प्रति यात्री मात्र 30 रुपए रखा गया है। This initiative will significantly reduce the vehicular pressure on the narrow, historic lanes of the fort area.

शहर के आधुनिक प्रबंधन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नगर परिषद ने 10 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट सिग्नल लगाने का भी बड़ा फैसला लिया है। एक निजी फर्म के सहयोग से संचालित होने वाली इस व्यवस्था से शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन नवाचारों टूरिस्ट टैक्स, गोल्फ कार्ट और ट्रैफिक सिग्नल से नगर परिषद के राजस्व में सालाना लाखों रुपए की वृद्धि होने का अनुमान है, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है। इन प्रयासों से न केवल जैसलमेर का स्वरूप बदलेगा, बल्कि पर्यटकों को एक अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। The comprehensive urban management plan reflects Jaisalmer's growing stature as a world-class tourist destination.



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