नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। जयशंकर ने पोलैंड को सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के पड़ोस (पाकिस्तान) में स्थित आतंकवादी बुनियादी ढांचे को किसी भी प्रकार की सहायता या समर्थन न दे। यह टिप्पणी सिकोरस्की की अक्टूबर 2025 की पाकिस्तान यात्रा के संदर्भ में देखी जा रही है, जहाँ उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ संयुक्त बयान जारी किया था। Dr. Jaishankar reminded the Polish leader that he is no stranger to the region and is well aware of the long-standing challenges of cross-border terrorism, urging Poland not to fuel the terror infrastructure that threatens Indian security.
वार्ता के दौरान जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत पर किए जा रहे "चुनिंदा और अनुचित हमलों" (Selective Targeting) पर भी अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यापारिक संबंधों और यूक्रेन संकट पर भारत के रुख की आलोचना करना न केवल गलत है बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। जयशंकर ने सितंबर में न्यूयॉर्क और जनवरी में पेरिस में दिए गए अपने बयानों को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय हितों और वैश्विक स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर चलता है। On his part, Sikorski agreed with the need to counter transnational terrorism and admitted that Poland itself has recently faced incidents of arson and sabotage, while also acknowledging the unfairness of selective tariffs that cause global trade turbulence.
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करते हुए दोनों नेताओं ने 'एक्शन प्लान 2024-28' की समीक्षा की, जिसका उद्देश्य रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाना है। पोलैंड वर्तमान में मध्य यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका द्विपक्षीय व्यापार 7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। Jaishankar highlighted that Indian investments in Poland have surpassed $3 billion, creating thousands of jobs and making Poland a key economic ally. अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के बाद से दोनों देशों के रिश्ते 'रणनीतिक साझेदारी' में बदल चुके हैं, जिसे और सुदृढ़ करने पर इस बैठक में सहमति बनी।