वडोदरा: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित पार्टी के क्षेत्रीय बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे किसी भी दमनकारी कार्रवाई से न डरें। उन्होंने दावा किया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, सत्ताधारी दल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए 'जेल भेजो' की नीति अपनाएगा। Addressing a massive gathering of volunteers, Kejriwal told his workers to be mentally prepared for imprisonment, promising them that if they are sent to jail for raising their voice, he would personally ensure their release within two months.
केजरीवाल ने गुजरात में भाजपा के 30 साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने वास्तव में काम किया होता, तो आज इतनी बड़ी संख्या में लोग उनके सम्मेलन में दुखी होकर नहीं आते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा 'डर, जेल और भ्रष्टाचार' के दम पर राज किया है, लेकिन अब गुजरात की जनता के मन से यह डर निकल चुका है। He shared his own experience of spending six months in jail, questioning the charges against him and other senior AAP leaders like Manish Sisodia and Sanjay Singh, framing their incarceration as a badge of honor for fighting against injustice. सम्मेलन के दौरान केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संघर्ष करने की शपथ भी दिलाई।
पार्टी की रणनीति साझा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि 2027 में 'आप' की सरकार बनने पर एक खुशहाल गुजरात का निर्माण किया जाएगा, जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं सभी के लिए समान होंगी। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता को लक्ष्य दिया कि वे रोजाना कम से कम पांच नए वोट जोड़ें और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करें। The AAP convener asserted that the upcoming battle is not just for power but for the "Self-respect of Gujaratis" (Gujarat na Sanman), aiming to end the culture of intimidation and goondaism. वडोदरा में हुए इस सम्मेलन ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है, जिससे आगामी स्थानीय निकायों और विधानसभा चुनावों के लिए कड़ा मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं।