किश्तवाड़ मुठभेड़ में उत्तराखंड का लाल शहीद: 'ऑपरेशन त्राशी' के दौरान कमांडो गजेंद्र सिंह ने दिया सर्वोच्च बलिदान, सर्च ऑपरेशन जारी



जम्मू-कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के साथ जारी भीषण मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक जांबाज कमांडो शहीद हो गए हैं। शहीद जवान की पहचान उत्तराखंड निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो सेना के विशेष बल (Special Forces) का हिस्सा थे। On Monday, the White Knight Corps confirmed that Havildar Gajendra Singh succumbed to his injuries sustained during 'Operation Trashi I' while bravely fighting foreign terrorists in the Sonar forest area. गजेंद्र सिंह उन नौ जवानों में शामिल थे जो रविवार को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा की गई भारी गोलाबारी और ग्रेनेड हमले में घायल हुए थे, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने देश सेवा में अपनी जान न्योछावर कर दी।

रविवार दोपहर चतरू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार वन क्षेत्र में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त तलाशी दल का सामना दो से तीन विदेशी आतंकवादियों से हुआ था। संदिग्ध आतंकियों ने खुद को घिरता देख सुरक्षाबलों पर आधुनिक हथियारों और ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें आठ अन्य जवान भी घायल हुए हैं जिनका वर्तमान में सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। The White Knight Corps paid a solemn tribute to the martyr, stating that the nation salutes his indomitable courage and stands firmly with the bereaved family in this hour of deep grief. हवलदार गजेंद्र सिंह की शहादत के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

किश्तवाड़ के घने जंगलों में सोमवार को दूसरे दिन भी बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में अभी भी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकी छिपे हुए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की अतिरिक्त कुमुद तैनात की गई है। Special army dogs and high-tech drones are being used to track the movement of the terrorists in the challenging terrain, while all exit points from the forest have been sealed. सुरक्षाबलों का संकल्प है कि वे अपने शहीद साथी के बलिदान का बदला लेंगे और क्षेत्र को पूरी तरह आतंकी मुक्त करेंगे।



Previous Post Next Post