पानीपत में बेजुबान के लिए उमड़ा परिवार का प्यार: एडवोकेट ने पालतू कुत्ते की मौत पर की 'तेरहवीं', कराया विशाल भंडारा



पानीपत: हरियाणा के पानीपत जिले में इंसान और जानवर के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यहां रहने वाले एडवोकेट बलबीर पंवार ने अपने पालतू कुत्ते 'रॉकी' की मृत्यु के बाद किसी परिजन की तरह उसकी 'तेरहवीं' का आयोजन किया। रॉकरी केवल एक पालतू जानवर नहीं था, बल्कि परिवार ने उसे अपना सरनेम देकर "रॉकी पंवार" की पहचान दी थी। The loyal companion had been an integral part of the Panwar family for over 13 years, and his passing was treated with the same emotional depth and traditional rituals as that of a human family member.




रॉकी पिछले कुछ समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और काफी इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। उसकी अंतिम विदाई के बाद परिवार ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए तेरहवीं की रस्म निभाई, जिसमें बाकायदा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। Local residents who attended the event were moved to tears, noting that such a deep bond reminds them of the classic Bollywood film 'Teri Meherbaniyan,' which depicted the extreme loyalty and emotional connection between a man and his dog. एडवोकेट बलबीर पंवार ने भावुक होते हुए बताया कि रॉकी ने परिवार को जो निस्वार्थ प्यार और सुरक्षा दी, उसके बदले यह आयोजन उसकी यादों को संजोने का एक छोटा सा प्रयास है।

इस अनूठी श्रद्धांजलि की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है, क्योंकि यह समाज को बेजुबान जानवरों के प्रति संवेदनशीलता और करुणा का कड़ा संदेश देती है। कार्यक्रम के दौरान रॉकी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उसे याद किया गया और उसकी वफादारी की कहानियों को साझा किया गया। His absence has left a profound void in the household, but the family finds solace in honoring his spirit through these sacred rituals. यह घटना दर्शाती है कि जब कोई जानवर परिवार का हिस्सा बन जाता है, तो उसकी विदाई का दुख भी किसी सगे संबंधी से कम नहीं होता।



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