लुधियाना: पंजाब में प्रतिबंध के बावजूद चीनी डोर (चाइनीज मांझा) का जानलेवा कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लुधियाना के समराला बाईपास के पास शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां चीनी डोर की चपेट में आने से 10वीं कक्षा के छात्र तरनजोत सिंह का गला कट गया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। तरनजोत सिंह गांव राउले का रहने वाला था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। The persistent use of the banned plastic string has claimed yet another innocent life, leaving a family devastated and raising serious questions about the enforcement of safety laws.
मिली जानकारी के अनुसार, तरनजोत सिंह शनिवार दोपहर अपने मोटरसाइकिल पर स्कूल से घर वापस लौट रहा था। जैसे ही वह समराला बाईपास के पास पहुंचा, अचानक आसमान से लटकती हुई चीनी डोर उसके गले में फंस गई। डोर इतनी धारदार थी कि उसका गला बुरी तरह कट गया और वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घाव गहरा होने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। The tragic loss of an only child has sent shockwaves through the local community, highlighting the lethal danger that these strings pose to commuters.
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे बाजारों में धड़ल्ले से चीनी डोर बेची जा रही है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। तरनजोत की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यह डोर महज एक खेल का हिस्सा नहीं, बल्कि सड़कों पर चलने वालों के लिए मौत का जाल बन चुकी है। The local authorities are now facing intense pressure to conduct immediate raids and hold retailers accountable for the sale of this prohibited item.