बाबा महाकाल के दरबार में अब डिजिटल क्रांति: नई सरकारी वेबसाइट से भस्म आरती और दर्शन बुकिंग हुई आसान, 672 करोड़ की 'भक्त निवास' योजना का भी आगाज



उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक ऐतिहासिक डिजिटल पहल की है। अब बाबा महाकाल के दर्शन से लेकर प्रसिद्ध भस्म आरती की बुकिंग तक, सब कुछ एक ही आधिकारिक और सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। मंदिर प्रशासन ने नई सरकारी वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in को सार्वजनिक कर दिया है, जिसका उद्देश्य बिचौलियों और फर्जी वेबसाइटों के जरिए होने वाली ठगी को पूरी तरह खत्म करना है। .gov.in डोमेन पर आधारित यह पोर्टल उच्च स्तरीय साइबर सुरक्षा से लैस है, जिससे श्रद्धालुओं का डेटा और ऑनलाइन भुगतान पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। अब भक्तों को शीघ्र दर्शन या विशेष पूजन के लिए कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी, वे घर बैठे ही अपना स्लॉट चुन सकेंगे।

The new digital portal integrates various essential services including Bhasma Aarti booking, Shighra Darshan, guest house reservations, and online donations into a single user-friendly interface. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत 'शीघ्र दर्शन' और 'भस्म आरती' की बुकिंग प्रक्रिया का सरल होना है। मोबाइल ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन के जरिए श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार तारीख और समय का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा, वेबसाइट पर मंदिर की परंपराओं, पूजन विधियों और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठानों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। इस पारदर्शिता से न केवल श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि मंदिर प्रशासन को भी भारी भीड़ को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

To solve the perennial accommodation crisis in Ujjain, the temple committee has launched the ambitious 'Shri Mahakal Bhakta Niwas' project worth ₹672 crore. 18.65 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही इस परियोजना में 3,000 से अधिक आधुनिक कमरे, विशाल भोजनालय और पार्किंग की व्यवस्था होगी। नई वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु न केवल यहां कमरे बुक कर पाएंगे, बल्कि इस परियोजना के निर्माण के लिए दान भी दे सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने सीएसआर (CSR) गतिविधियों के लिए भी इस पोर्टल को एक पारदर्शी माध्यम बनाया है, जिससे विकास कार्यों में दानदाताओं की भागीदारी और भरोसा बढ़ेगा। यह डिजिटल परिवर्तन उज्जैन को एक स्मार्ट धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।


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