मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में आस्था का महासैलाब: सुबह 8:30 बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, सुरक्षा के लिए ATS और ड्रोन तैनात

 


प्रयागराज/हरिद्वार: माघ मेले के सबसे पावन पर्व 'मौनी अमावस्या' पर रविवार को प्रयागराज, हरिद्वार और वाराणसी के घाटों पर आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह 8:30 बजे तक लगभग 1.5 करोड़ लोग पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके थे, जबकि सुबह 4 बजे तक यह संख्या 50 लाख और 7 बजे तक 75 लाख के करीब थी। शनिवार को भी करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, जिसे मिलाकर प्रशासन का अनुमान है कि इस मुख्य स्नान पर्व पर कुल संख्या 3 करोड़ के पार जा सकती है। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की टीमें और जल पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मेला क्षेत्र में गश्त कर रही हैं ताकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन सुचारू बना रहे।



According to astrological significance, Mauni Amavasya is a day of silence and spiritual penance, where it is believed that 33 crore deities visit the Sangam for a holy dip. ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय ने बताया कि इस दिन मौन व्रत रखकर स्नान करने का विशेष महत्व है। प्रयागराज के साथ-साथ हरिद्वार के 'हर की पौड़ी' और वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया है। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा स्वयं घाटों पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और श्रद्धालुओं से स्नान के तुरंत बाद घाट खाली करने की अपील कर रहे हैं ताकि आने वाले अन्य भक्तों को असुविधा न हो।

The divisional commissioner, Saumya Agarwal, confirmed that despite the massive turnout exceeding previous expectations, the parking and exit routes are functioning systematically as per the administrative plan. श्रद्धालुओं ने प्रशासन द्वारा की गई लाइटिंग, शौचालय और मेडिकल कैंप की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें गहरे पानी में बैरिकेडिंग के पास तैनात हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वाराणसी में भी पुरोहितों ने बताया कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष की इस अमावस्या पर बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक भक्ति भाव में डूबे नजर आए। प्रशासन को उम्मीद है कि जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा और धूप खिलेगी, संगम तट पर श्रद्धालुओं की आमद और अधिक बढ़ेगी।



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