मणिपुर: मणिपुर में मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के दौरान सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई एक 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई है। जब यह भयावह घटना घटी थी, तब वह केवल 18 साल की थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, युवती लगभग तीन साल पहले हुए अपहरण और गैंगरेप के मानसिक और शारीरिक सदमे से कभी उबर नहीं पाई। Her mother shared that the young woman had sustained severe internal injuries during the assault, which eventually led to chronic respiratory failure. 10 जनवरी 2026 को सिंहत में उसने अपनी चोटों और दर्दनाक यादों से लड़ते हुए अंतिम सांस ली।
पीड़िता कुकी समुदाय से संबंधित थी और उसने 21 जुलाई 2023 को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 15 मई 2023 को काले रंग की टी-शर्ट पहने चार हथियारबंद व्यक्तियों ने उसे सफेद बोलेरो में अगवा किया और एक सुनसान पहाड़ी इलाके में ले गए। The victim alleged that while the driver stayed back, the other three individuals took turns raping her, leaving her in a critical condition. इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 22 जुलाई 2023 को जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई थी, लेकिन विडंबना यह है कि सवा दो साल बीत जाने के बाद भी इस मामले में अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
युवती की मौत के बाद मणिपुर के चुराचांदपुर इलाके में भारी रोष देखा जा रहा है। 17 जनवरी को कुकी समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग की और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। Locals expressed their deep anguish over the fact that despite the case being under the CBI, the perpetrators remain free while the victim fought a lonely battle for life and justice. समुदाय के नेताओं का कहना है कि जब तक दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।