जड़ों से जुड़ाव ही असली पहचान: रैबार-7 कार्यक्रम में बोले NSA अजीत डोभाल 'चाहे कितना भी बदल जाओ, अपनी परंपराएं मत भूलना'



नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में आयोजित 'रैबार-7' कार्यक्रम के दौरान अपनी माटी और संस्कृति के प्रति गहरा लगाव व्यक्त किया। उत्तराखंड की जड़ों से जुड़ी इस पत्रिका के वर्षगांठ कार्यक्रम में डोभाल ने गढ़वाली भाषा में संवाद करते हुए अपने माता-पिता की उस सीख को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जीवन में कितनी भी सफलता और बदलाव आए, लेकिन अपनी परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। Speaking at the event alongside CDS General Anil Chauhan, Doval emphasized that while progress is essential, it should not come at the cost of one's cultural identity. उन्होंने कहा कि 'रैबार' का अर्थ केवल 'संदेश' नहीं, बल्कि यह विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित हमारी पारंपरिक संचार प्रणाली का एक जीवंत प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान डोभाल ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संचार के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि आज के दौर में संचार के साधन तो बहुत हैं, लेकिन उनमें वह पुरानी आत्मीयता और भावनाएं गायब हैं। He humorously remarked that while a modern flight like Air India might get cancelled, a 'Raibar' (traditional message) never fails to reach its destination because it is built on trust. उन्होंने राज्य में पर्यटन के विकास का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही आगाह भी किया कि यदि उत्तराखंड केवल पांच सितारा पर्यटन स्थल बनकर रह गया और वहां की स्थानीय संस्कृति खो गई, तो वह विकास बेमानी होगा। उनका तर्क था कि विकास का असली लाभ निवेशकों के साथ-साथ वहां के स्थानीय समुदायों को भी मिलना चाहिए।

इसी मंच से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी विकसित भारत @2047 के संकल्प में उत्तराखंड की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि विकसित भारत की यात्रा में उत्तराखंड केवल एक लाभार्थी बनकर रहेगा या नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा। General Chauhan called for collective efforts to ensure that the state's growth matches the national pace, urging the people of Uttarakhand to lead from the front in nation-building. कार्यक्रम में उत्तराखंड के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्य के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के रोडमैप पर चर्चा की।



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