मोहाली: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद मोहाली प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को नगर निगम, गमाडा (GMADA) और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के फेज-7 से इस विशेष अभियान का आगाज किया, जिसके तहत फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट और रिहायशी इलाकों में सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध ढांचों को ढहा दिया गया। The authorities targeted temporary structures, hedges, flower beds, and illegal parking spaces that had been encroaching upon public land for years. नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई 13 जनवरी को हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुपालन में की जा रही है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी अनिवार्य है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी भी तरह के विरोध या विवाद से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा वीडियोग्राफी भी करवाई गई। Before initiating this massive drive, the Municipal Corporation had issued several warnings and public notices asking residents to voluntarily remove their belongings from government property, but the lack of response led to this forceful eviction. अधिकारियों का कहना है कि इन कब्जों की वजह से बाजारों और सड़कों पर आम जनता की आवाजाही में भारी बाधा आ रही थी, जिसे अब पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा।
नगर निगम ने एक बार फिर शहरवासियों से अपील की है कि वे सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को स्वयं हटा लें, अन्यथा प्रशासन बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें नष्ट कर देगा और इसका हर्जाना भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा। This campaign is expected to cover all major sectors and markets of Mohali in the coming days to ensure the city’s green belts and sidewalks are restored to their original state. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि एक बार कब्जा हटाने के बाद यदि दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश की गई, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी मामला भी दर्ज किया जाएगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शहर पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता।