नैनीताल: उत्तराखंड के जनपद नैनीताल में आदमखोर गुलदार की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी (DM) नैनीताल ने जिले के धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 17 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन क्षेत्रों में गुलदार की लगातार आवाजाही से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। यह एहतियाती कदम हाल ही में गुलदार द्वारा इंसानों पर किए गए हमलों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते डर को देखते हुए उठाया गया है।
The safety measures extend beyond schools, as the District Magistrate has also adjusted the operational timings of milk collection centers to protect villagers during early morning hours. वन्यजीवों के खतरे को देखते हुए रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में दूध संग्रह केंद्रों पर दूध पहुंचाने का समय अब सुबह 6 से 7 बजे के बजाय सुबह 7 से 8 बजे कर दिया गया है। कुमाऊं कमिश्नर ने दुग्ध संघ लालकुआं के महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि इस बदलाव की सूचना तत्काल सभी समितियों और दुग्ध उत्पादकों को दी जाए। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी ताकि ग्रामीण उजाला होने के बाद ही घरों से बाहर निकलें।
The administration and the Forest Department have also launched an awareness drive, advising villagers not to venture into forests alone or during twilight hours. कुमाऊं कमिश्नर ने वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि पहाड़ी क्षेत्रों में झाड़ियों के कटान का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए ताकि गुलदार को छिपने की जगह न मिले। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे समूह में ही बाहर निकलें और सतर्क रहें। प्रशासन का कहना है कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है।