NH-707 पर निर्माण कार्य बना मुसीबत: शिल्ला के पास टटियाना रोड हुई खस्ताहाल, धंसती सड़क और गहरे गड्ढों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर

 


सिरमौर/शिल्ला: हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर शिल्ला के समीप चल रहे निर्माण कार्य ने स्थानीय संपर्क मार्गों की स्थिति को बदतर बना दिया है। विशेष रूप से टटियाना रोड की हालत पिछले एक वर्ष से बेहद गंभीर बनी हुई है, जहाँ सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह धंस चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय निवासी माया राम शर्मा ने बताया कि मुख्य मार्ग के निर्माण के दौरान होने वाली खुदाई और भारी मशीनों की आवाजाही ने इस संपर्क मार्ग की बुनियाद हिला दी है। स्थिति यह है कि अब यहाँ से छोटे वाहनों का गुजरना भी दूभर हो गया है, जिससे टटियाना, ठोंठा-जाखल और कोटा पाब जैसे दर्जनों गाँवों के हजारों ग्रामीणों का संपर्क मुख्य शहरों से कटने की कगार पर पहुँच गया है।

The local administration and Public Works Department (PWD) have been repeatedly notified about the sinking patches, yet no concrete restoration work has commenced on the ground. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की इस अनदेखी के कारण रात के समय आवाजाही करना अब किसी खतरे से कम नहीं है। कोहरे और अंधेरे में ये गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहनों के फिसलने और अनियंत्रित होकर पलटने की आशंका हर समय बनी रहती है। लोगों का कहना है कि अब तक किसी बड़ी जानमाल की हानि न होना महज एक संयोग है। स्थानीय जनता ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मार्ग की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर नहीं की गई, तो वे विभागीय कार्यालयों का घेराव करने पर मजबूर होंगे।

The PWD officials have acknowledged the issue, citing the ongoing expansion of the National Highway as the primary reason for the road's deterioration. हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि विकास के नाम पर उनकी जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। स्कूल जाने वाले बच्चों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस के लिए यह मार्ग एकमात्र लाइफलाइन है। वर्तमान में, सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर मिट्टी डालकर काम चलाने की कोशिश की गई है, जो पहली बारिश में ही बह जाती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि टटियाना रोड को पक्का करने और धंसते हिस्सों पर डंगा लगाने का काम तुरंत शुरू किया जाए ताकि संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।



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