नई दिल्ली: सिगरेट, बीड़ी और गुटखे के पैकेट पर छपने वाला टोल-फ्री नंबर '1800-112-356' केवल एक वैधानिक चेतावनी नहीं, बल्कि नशे के चंगुल से निकलने का एक प्रभावी जरिया साबित हो रहा है। दिल्ली के वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट (VPCI) के निदेशक प्रोफेसर राजकुमार ने संस्थान के स्थापना दिवस पर चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अब तक 1 करोड़ से अधिक लोग इस 'नेशनल टोबैको क्विट हेल्पलाइन' पर कॉल कर चुके हैं। इनमें से करीब 6 लाख लोगों ने गंभीर काउंसलिंग प्राप्त की, जिनमें से 35 प्रतिशत लोग पूरी तरह से तंबाकू छोड़ने में सफल रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत संचालित यह हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (सोमवार को छोड़कर) काम करती है और वर्तमान में 15 भारतीय भाषाओं में परामर्श प्रदान कर रही है।
The success of the quitline lies in its structured 9-month follow-up program, which ensures that an individual doesn't relapse into the habit. साल 2016 में शुरू हुई इस सेवा की लोकप्रियता और प्रभावशीलता को देखते हुए, भारत सरकार ने बेंगलुरु के निमहांस (NIMHANS), मुंबई के टाटा मेमोरियल और गुवाहाटी के रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट में इसके आउटरीच सेंटर खोले हैं। प्रोफेसर राजकुमार के अनुसार, जब कोई व्यक्ति इस नंबर पर कॉल करता है, तो पेशेवर काउंसलर्स न केवल उसे मानसिक रूप से तैयार करते हैं, बल्कि अगले 7 दिन, 1 महीने, 3 महीने और अंततः 9 महीने तक लगातार फॉलोअप कॉल करके उसके सुधार की निगरानी करते हैं। सरकार ने इस नंबर को हर तंबाकू उत्पाद पर छापना अनिवार्य कर दिया है ताकि नशा छोड़ने की इच्छा रखने वाले को मदद का विकल्प तुरंत दिखाई दे।
The initiative is being hailed as one of the most successful public health interventions in India, targeting both smoking and smokeless tobacco users. विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे बड़ी बाधा सही मार्गदर्शन की कमी होती है, जिसे यह हेल्पलाइन प्रभावी ढंग से दूर कर रही है। यह सेवा न केवल मुफ्त परामर्श देती है, बल्कि उन लोगों के लिए एक सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करती है जो समाज या परिवार के दबाव में अपनी लत को साझा नहीं कर पाते। आने वाले समय में डिजिटल माध्यमों और मोबाइल ऐप्स के जरिए भी इस सेवा को और अधिक सुलभ बनाने की योजना है ताकि भारत को 'तंबाकू मुक्त' बनाने के संकल्प को गति मिल सके।