नोएडा इंजीनियर मौत मामले में सीएम योगी का कड़ा रुख: एसआईटी गठित, 5 दिन में जवाबदेही तय करने के निर्देश



नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस पूरी घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे पांच दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। The SIT will be headed by the Meerut Divisional Commissioner and will include the ADG Zone of Meerut and the Chief Engineer of PWD as members to ensure a thorough investigation into the circumstances of the accident. सेक्टर 150 में हुई इस घटना में युवराज की कार एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी, जिसमें वह डूब गए और काफी प्रयासों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है, जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खुले गड्ढे के कारण यह हादसा हुआ, जिसके लिए बिल्डर और संबंधित प्राधिकरण की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। In response to the growing public outcry, there are reports of FIRs being filed against the builder and potential disciplinary actions against negligent officials who failed to secure the construction site. एसआईटी की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया था और बचाव कार्य में कितनी देरी हुई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या निजी ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा। This swift intervention by CM Yogi aims to address the systemic failures in urban planning and emergency response that led to this tragic loss of life. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जांच पारदर्शी होनी चाहिए ताकि भविष्य में नोएडा के अन्य निर्माणाधीन क्षेत्रों में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।



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