उत्तर भारत में मौसम का डबल अटैक: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, IMD ने जारी किया 'येलो अलर्ट'



नई दिल्ली: उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मंगलवार को राजधानी दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सुबह से ही गरज-चमक के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो रही है, जिसके चलते मौसम विभाग ने Yellow Alert जारी किया है। इस बारिश के साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, हालांकि इससे प्रदूषण के स्तर (AQI) में कुछ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। The sudden Change in Weather has brought a mix of relief from pollution and an intense chill across the plains.

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों के लिए Orange Alert जारी किया गया है। गुलमर्ग, शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फबारी के कारण पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, लेकिन प्रशासन ने कई रास्तों के बंद होने की भी चेतावनी दी है। उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ और औली में साल की सबसे अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई है। इस बर्फीली हवाओं का सीधा असर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में भी देखा जा रहा है, जहाँ गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। The Fresh Snowfall in the Himalayas has triggered a significant drop in temperatures across North-West India.

मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत की ओर भी बढ़ रहा है। 28 और 29 जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की वर्षा होने के आसार हैं। जनवरी का अंत कड़ाके की ठंड और बारिश के साथ हो रहा है, क्योंकि 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इसके प्रभाव से फरवरी की शुरुआत में एक बार फिर पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी का दौर देखने को मिल सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ों पर जाने से पहले सड़कों की स्थिति की जांच जरूर कर लें। The persistent Wet Spell is expected to keep the winter season prolonged and more intense than previous years.



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