लोकसभा अध्यक्ष का सख्त रूप: 'सदन गपशप का अड्डा नहीं', सांसदों को ओम बिरला की दो टूक- बात करनी है तो बाहर जाएं



नई दिल्ली: बजट सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही के बीच सदन की मर्यादा को लेकर अध्यक्ष Om Birla काफी सख्त नजर आए। गुरुवार को सदन में जारी शोर-शराबे और सांसदों की आपसी बातचीत पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सदस्यों को लंबी चर्चा या गपशप करनी है, तो वे सदन से बाहर जा सकते हैं। प्रश्नकाल के दौरान जब कई सांसद अपनी सीटों पर बैठकर आपस में लंबी वार्ता कर रहे थे, तब अध्यक्ष ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार Parliamentary Dignity और गरिमा के विरुद्ध है।

स्पीकर ओम बिरला ने विशेष रूप से कांग्रेस सांसद KC Venugopal का नाम पुकारते हुए उन्हें साथी सांसदों से बात न करने की हिदायत दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भविष्य में यदि कोई सदस्य सदन के भीतर अनुशासनहीनता करेगा, तो वे आसन से उनका नाम पुकारकर उन्हें सार्वजनिक करेंगे। बिरला ने सदन की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य प्रश्नकाल में सूचीबद्ध सभी 20 प्रश्नों को पूरा करना है, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी चर्चा हो सके।

इतना ही नहीं, अध्यक्ष ने सदन में शिष्टाचार और बॉडी लैंग्वेज को लेकर भी मंत्रियों को नसीहत दी। जब जनजातीय कार्य राज्य मंत्री Durgadas Uikey अपनी जेब में हाथ डालकर पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, तो बिरला ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने टोका "मंत्री जी, जेब में हाथ डालकर मत बोलिए।" इसके बाद मंत्री ने तुरंत अपनी गलती मानी और हाथ बाहर निकालकर जवाब पूरा किया। अध्यक्ष ने सदन को आधुनिक बनाने का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि अब सदस्यों को Economic Survey की डिजिटल प्रतियां व्हाट्सएप पर भेजी जाएंगी, जिससे कागज की बचत और तकनीकी सुगमता सुनिश्चित होगी।



Previous Post Next Post