नई दिल्ली/अयोध्या: यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर देश भर में चल रहे विवाद के बीच अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर Jagatguru Paramhans Acharya ने एक ऐसा दावा किया है जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। आचार्य का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ समय से अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के 'वशीकरण' के प्रभाव में थे, जिसके कारण सरकार ने विवादित UGC Regulations 2026 जैसे कानून बनाए। आचार्य ने दावा किया कि उन्होंने अब वैदिक अनुष्ठानों और मंत्र शक्ति के जरिए प्रधानमंत्री को इस कथित तंत्र-मंत्र के असर से मुक्त करा लिया है।
परमहंस आचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें संदेह तब हुआ जब प्रधानमंत्री ने ऐसे नियम लागू किए जिससे देश में 'गृहयुद्ध' जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा था। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी प्रधानमंत्री के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बाहरी शक्तियों द्वारा तंत्र-मंत्र की आशंका जताई थी। आचार्य ने कहा, "हमने अयोध्या में विशेष पूजा-पाठ किया है ताकि मोदी जी पर अब किसी भी प्रकार के वशीकरण का असर न पड़े। अब वे देश हित में स्वतंत्र निर्णय ले सकेंगे और ऐसे कानून नहीं बनाएंगे जिससे हिंदू समाज में विभाजन हो।"
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को ही यूजीसी के नए इक्विटी नियमों पर रोक लगा दी है। CJI Surya Kant की बेंच ने इन नियमों को अस्पष्ट और दुरुपयोग के योग्य माना है। इससे पहले परमहंस आचार्य ने इन नियमों के विरोध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 'इच्छा मृत्यु' की मांग तक कर डाली थी। उनका तर्क था कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव होगा और कैंपस में जातिगत विद्वेष बढ़ेगा। अब कोर्ट के स्टे और अपने 'मंत्र उपचार' के बाद आचार्य ने राहत की सांस ली है, हालांकि उनके इस विचित्र दावे पर राजनीतिक गलियारों में चुटकी ली जा रही है।