पठानकोट: पंजाब पुलिस की बॉर्डर रेंज टीम ने सीमा पार से हथियारों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद किया है। डीजीपी पंजाब बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने रविवार को पठानकोट में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 17 जनवरी 2026 को सीआईए स्टाफ द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। आरोपी से की गई कड़ी पूछताछ के बाद सीमावर्ती क्षेत्र 'बमियाल' में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद नजदीक छिपाकर रखे गए तीन ए.के.-47 राइफलें, पांच मैगजीन और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। इस सफलता को सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि ये हथियार गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते थे।
The recovered arsenal included high-end weaponry, featuring one Turkish-made pistol and one Chinese-made pistol, alongside 98 live cartridges of various calibers. डीजीपी संदीप गोयल के अनुसार, पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन हथियारों की खेप को सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजा गया था या किसी अन्य गुप्त रास्ते से। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के स्थानीय संपर्कों और उसके पीछे काम कर रहे हैंडलर्स की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह जखीरा पंजाब और आसपास के राज्यों में अशांति फैलाने के उद्देश्य से मंगाया गया था। पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगामी 26 जनवरी को देखते हुए पूरे बॉर्डर बेल्ट में 'सर्च ऑपरेशन' और सुरक्षा घेरा और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
The operation has highlighted the ongoing challenges of cross-border smuggling despite high-tech surveillance systems on the border. पुलिस सूत्रों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद कई अन्य 'स्लीपर सेल्स' का पर्दाफाश हो सकता है जो आतंकी गतिविधियों या संगठित अपराध में शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में केंद्रीय खुफिया विभागों के साथ भी तालमेल बिठा रही हैं ताकि हथियारों की तस्करी के इस इंटरनेशनल रूट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। डीजीपी ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।