जालंधर: गुरु रविदास महाराज की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 1 फरवरी, 2026 को पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जालंधर स्थित 'डेरा सचखंड बल्लां' पहुँचकर माथा टेकेंगे और नतमस्तक होंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री दिल्ली में केंद्रीय बजट सत्र में शामिल होने के बाद रविवार दोपहर जालंधर पहुँचेंगे। डेरा सचखंड बल्लां को रविदासिया समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र माना जाता है और पीएम मोदी का यहाँ आना धार्मिक के साथ-साथ कूटनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। The Prime Minister's visit to Dera Sachkhand Ballan on Guru Ravidas Jayanti signifies a major outreach to the Dalit community in Punjab.
इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर डेरा प्रमुख संत निरंजन दास को 'पद्म श्री' सम्मान से नवाजने की घोषणा की है। पिछले साल दिसंबर में डेरा प्रमुख ने प्रधानमंत्री से दिल्ली में मुलाकात कर उन्हें इस जयंती समारोह का निमंत्रण दिया था। प्रधानमंत्री आमतौर पर इस अवसर पर वाराणसी (उत्तर प्रदेश) स्थित गुरु रविदास की जन्मस्थली जाते हैं, लेकिन इस बार जालंधर आने के फैसले को पंजाब की राजनीति में एक 'मास्टरस्ट्रोक' के रूप में देखा जा रहा है। The conferment of Padma Shri on Sant Niranjan Dass just days before the PM's visit underscores the spiritual and social influence of the Dera.
जालंधर के पास स्थित यह डेरा दोआबा क्षेत्र की राजनीति का मुख्य केंद्र माना जाता है, जहाँ पंजाब की लगभग 32% दलित आबादी का गहरा प्रभाव है। विधानसभा की करीब 19 सीटों पर डेरा सचखंड बल्लां के अनुयायियों का सीधा असर माना जाता है। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और डेरा प्रबंधन ने सुरक्षा व स्वागत की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। शाम 4 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, वहीं भाजपा नेता इसे पंजाब के सभी समुदायों के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं। The visit to the Dalit Heartland is expected to reshape the socio-political landscape of the Doaba region ahead of upcoming electoral challenges.