जालंधर/चंडीगढ़: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi 1 फरवरी को जालंधर स्थित रविदासिया समाज के सबसे बड़े धार्मिक केंद्र Dera Sachkhand Ballan पहुंच रहे हैं। पीएम का यह दौरा पंजाब की राजनीति में 'सोशल इंजीनियरिंग' के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री आदमपुर हवाई अड्डे का नाम आधिकारिक रूप से Shri Guru Ravidas Ji के नाम पर रखने की घोषणा कर सकते हैं। भाजपा के दिग्गज नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि पूरा पंजाब अपने प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्साहित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा सीधे तौर पर पंजाब के 32% दलित मतदाताओं और 38% हिंदू वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है। विशेष रूप से दोआबा बेल्ट की 23 सीटों पर भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जहाँ डेरा बल्लां का गहरा प्रभाव है। इस दौरे के जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि केंद्र सरकार दलित समाज और उनकी धार्मिक आस्थाओं का सर्वोच्च सम्मान करती है। इसके साथ ही, 2027 में आने वाली गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की जा सकती है।
दूसरी ओर, पंजाब भाजपा अध्यक्ष Sunil Jakhar ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर 'सस्ती राजनीति' करने का आरोप लगाया है। जाखड़ ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के नामकरण की घोषणा पीएम मई 2024 में ही कर चुके थे, अब वे केवल इसे विधिवत अमलीजामा पहनाने आ रहे हैं। वहीं, 'आप' सरकार भी हिंदू और दलित वोटरों को रिझाने के लिए 'हमारे राम' शो और गुरु रविदास जी से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बना रही है। पंजाब की सत्ता तक पहुँचने के लिए अब सभी दलों की नजरें हिंदू-दलित गठजोड़ पर टिकी हैं, जिसे भाजपा अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।