रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक बड़ा सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। नई गाइडलाइन के तहत अब केदारनाथ मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाना या फोटो-वीडियो खींचना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इस प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मंदिर की मर्यादा, श्रद्धा भाव और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले श्रद्धालुओं पर प्रशासन द्वारा भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया जा रहा है ताकि धाम की पवित्रता से कोई समझौता न हो।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि बीते कुछ वर्षों से मंदिर परिसर में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और रील बनाने जैसी प्रवृत्तियों के कारण तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर क्षेत्र में प्रवेश से पहले मोबाइल फोन जमा कराने के लिए 'डिजिटल लॉकर' जैसी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहाँ चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाएगा।
ऋषिकेश में हुई चारधाम यात्रा की उच्च स्तरीय बैठक में भी सभी चारों धामों में मोबाइल बैन करने पर चर्चा की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल पर प्रतिबंध लगने से न केवल दर्शन की प्रक्रिया सुगम होगी, बल्कि भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) में भी बड़ी मदद मिलेगी। केदारनाथ धाम में डिजिटल डिटॉक्स के साथ श्रद्धालु अब शांतिपूर्ण तरीके से बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन जल्द ही जुर्माने की राशि और जमा केंद्रों की आधिकारिक सूची जारी करेगा।