प्रयागराज: संगम की पावन रेती पर आयोजित माघ मेले के दूसरे सबसे बड़े स्नान पर्व 'मकर संक्रांति' और 'षटतिला एकादशी' के संयोग पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार, 14 जनवरी को स्नान पर्व की शुरुआत से लेकर बुधवार शाम तक रिकॉर्ड 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। हालांकि प्रशासनिक दृष्टि से मुख्य स्नान पर्व 15 जनवरी को भी जारी है, लेकिन मुहूर्त के अनुसार बुधवार भोर से ही घाटों पर भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर 12 बजे तक ही यह संख्या 50 लाख को पार कर गई थी, जिसके बाद प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त चौकसी बरतनी पड़ी।
To manage the massive influx of devotees, the Magh Mela administration has expanded the bathing ghats to a total length of 3.69 km across 24 designated areas. महिलाओं की सुविधा के लिए घाटों पर 1,200 से अधिक चेंजिंग रूम बनाए गए हैं, जिनमें पहली बार विशेष कैनोपी आकार के फोल्डिंग रूम शामिल किए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए इतिहास में पहली बार तीन कंट्रोल सेंटर (I-CCC, पुलिस लाइन और कलेक्ट्रेट) बनाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और गोताखोरों की टीमों को गहरे पानी वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
The transport sector is operating in 'Action Mode' with 1,800 roadways buses and 16 special trains to ensure smooth transit for millions of pilgrims. रेलवे ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए 8 रिंग रेल सेवाओं का संचालन शुरू किया है और 16 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव प्रयागराज रामबाग एवं झूसी स्टेशनों पर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे स्टेशनों पर 1.20 लाख यात्रियों की क्षमता वाले 18 आश्रय स्थल बनाए गए हैं और 1,186 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि रोडवेज की क्यूआरटी (QRT) टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बस स्टैंडों पर तैनात हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और पूरा मेला क्षेत्र 'हर-हर गंगे' के उद्घोष से गूंज रहा है।