पंजाब के डीसी कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी: आईएसकेपी के नाम से आया ईमेल, गुरदासपुर और मुक्तसर साहिब में हाई अलर्ट



गुरदासपुर/मुक्तसर साहिब: पंजाब में सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने वाली धमकी भरी ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन आईएस-खोरासान प्रांत (ISKP) के नाम से गुरदासपुर और श्री मुक्तसर साहिब के डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल में दावा किया गया कि परिसर के भीतर तीन बम रखे गए हैं, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने मुक्तसर डीसी कार्यालय को खाली करा लिया। भारी पुलिस बल, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। गुरदासपुर के एसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि एसएसपी आदित्या के निर्देश पर स्टेट साइबर सेल की टीमें ईमेल के तकनीकी ट्रेल और स्रोत की जांच कर रही हैं। फिलहाल तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य कर दिया गया है।

The threat has sent intelligence agencies into a high-alert mode as this is not an isolated incident in the state. पिछले कुछ महीनों में पंजाब के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों, स्कूलों और अदालतों को इसी तरह की 'होक्स' (Hoax) कॉल और ईमेल मिली हैं। इससे पहले अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब, लुधियाना और मोगा के कोर्ट परिसरों के साथ-साथ अमृतसर के 15 स्कूलों को भी निशाना बनाने की धमकियां मिल चुकी हैं। दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की शुरुआत में रोपड़, आनंदपुर साहिब और फिरोजपुर की अदालतों को भी ऐसी ही ईमेल मिली थीं। हालांकि ये सभी धमकियां जांच के बाद फर्जी साबित हुईं, लेकिन इनसे जनजीवन और सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ISKP, an affiliate of the Islamic State active in the Pakistan-Afghanistan region, has been frequently issuing threats to Indian cities, causing deep concern among security experts. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन धमकियों का उद्देश्य समाज में डर पैदा करना और सुरक्षा एजेंसियों को उलझाए रखना है। अमृतसर में मिली पुरानी धमकियों में तमिलनाडु और डीएमके का जिक्र होने के बाद पुलिस ने एक युवक से पूछताछ भी की थी, लेकिन अब तक किसी बड़ी साजिश का पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ये ईमेल अक्सर विदेशों में स्थित वीपीएन (VPN) सर्वर के माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से पैनिक न होने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।



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