गैंगस्टर मुक्त पंजाब के लिए 'ऑपरेशन प्रहार': 2500 मददगार हिरासत में, अपराधियों की सूचना देने पर 10 लाख का इनाम


फरीदकोट/चंडीगढ़: पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस ने राज्य को संगठित अपराध से पूरी तरह मुक्त करने के लिए 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान के तहत 'ऑपरेशन प्रहार' को अंजाम दिया है। इस 72 घंटे लंबे सघन अभियान के दौरान राज्य भर में लगभग 12,000 पुलिसकर्मियों वाली 2,000 से अधिक टीमों ने विदेश में बैठे 60 प्रमुख गैंगस्टरों के गुर्गों और उनके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अभियान के दूसरे दिन तक पुलिस ने कुल 2500 संदिग्ध मददगारों को हिरासत में लिया है, जिनमें से अकेले दूसरे दिन 1186 लोगों को पकड़ा गया। स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अर्पित शुक्ला ने मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य गैंगस्टरों के वित्तीय नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और संचार तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करना है। The massive scale of the operation reflects the state's zero-tolerance policy towards the gangster ecosystem and their localized support structures.

पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के नेतृत्व में शुरू हुए इस ऑपरेशन ने अपराधियों में खलबली मचा दी है। पुलिस ने न केवल गिरफ्तारियां की हैं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ जनता का सहयोग प्राप्त करने के लिए एक विशेष एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर (93946-93946) भी जारी किया है। अधिकारियों ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति किसी वांछित गैंगस्टर की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सटीक जानकारी देगा, उसे 10 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा। डीजीपी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि नागरिक बिना किसी डर के पुलिस की मदद कर सकें। This strategic move aims to choke the logistical and safe-house support that gangs currently enjoy across various districts.

ऑपरेशन के दौरान कई जगहों पर मुठभेड़ और बड़ी बरामदगियां भी हुई हैं। मोगा में बंबीहा गैंग के तीन गुर्गों को हथियारों के साथ पकड़ा गया, वहीं अमृतसर और फाजिल्का में भी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला के अनुसार, अब तक की जांच में गैंगस्टरों के विदेशी हैंडलर्स और स्थानीय मॉड्यूल के बीच के गहरे संबंधों का पता चला है। पुलिस का यह अभियान केवल 72 घंटों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका लक्ष्य पंजाब की धरती से गैंगस्टर संस्कृति का समूल नाश करना है। आने वाले दिनों में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। The multi-pronged approach of surveillance, raids, and public outreach marks a decisive shift in Punjab’s law enforcement strategy against trans-border crime.



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