धुंध और कड़ाके की ठंड की चपेट में पंजाब: विजिबिलिटी कम होने से राष्ट्रपति का जालंधर दौरा रद्द, 21 जनवरी तक 'येलो अलर्ट' जारी

 


मोगा/चंडीगढ़: पंजाब इन दिनों भीषण शीतलहर और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार, 17 जनवरी 2026 को धुंध का असर इतना गहरा था कि विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई, जिसके कारण हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित जालंधर दौरा भी रद्द करना पड़ा। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रदेश में 21 जनवरी तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक कोहरे का प्रकोप इसी तरह बना रहेगा, जिससे हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। मोगा सहित राज्य के अधिकांश जिलों में कड़ाके की ठंड के कारण अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना जताई गई है।

The dense fog has significantly reduced visibility to less than 300 meters on major highways, causing long delays for commuters and affecting essential transportation services. पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। शुक्रवार को पंजाब का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जबकि शनिवार सुबह बाहरी क्षेत्रों में विजिबिलिटी बेहद कम रही। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने चेतावनी दी है कि शहरी क्षेत्रों के मुकाबले खुले मैदानी इलाकों और नेशनल हाईवे पर कोहरे का प्रभाव अधिक रहेगा। इस मौसम के कारण रेल और सड़क यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।

The administration has advised citizens to avoid unnecessary travel during late-night and early-morning hours to prevent road accidents. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी बुजुर्गों और बच्चों को इस कड़ाके की ठंड से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी के बाद ही धुंध से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, तब तक शीतलहर का दौर जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से बचाया जा सके। धुंध के कारण अमृतसर और चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


 


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