नई दिल्ली/हावड़ा: भारतीय रेलवे के इतिहास में शनिवार, 17 जनवरी 2026 का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रीमियम ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच संचालित होगी, जो 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय करेगी। अब तक यह सफर तय करने में करीब 17 घंटे लगते थे, लेकिन इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन के आने से यात्रा समय में 3 घंटे की बड़ी बचत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर कहा कि यह ट्रेन न केवल रफ्तार बल्कि सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधाओं के मामले में राजधानी एक्सप्रेस को भी पीछे छोड़ देगी।
The Vande Bharat Sleeper features advanced safety systems like 'KAVACH' and an innovative UVC disinfectant technology to maintain a germ-free cabin environment. सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से यह ट्रेन बेहद आधुनिक है। इसमें 16 कोच हैं, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं, जिनमें कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे। यात्रियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए इसमें ऐसी तकनीक लगाई गई है जो हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को खत्म कर देती है। इसके अलावा, यात्रियों के लिए बायो-वैक्यूम टॉयलेट, टच-फ्री फिटिंग्स और ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई सीढ़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रेन की अधिकतम गति 180 किमी/घंटा है, हालांकि इसे सामान्य तौर पर 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा।
The train's fare is slightly higher than the Rajdhani Express, with AC 3-tier starting around ₹2,300, but it guarantees only confirmed berths with no RAC or waiting list. रूट की बात करें तो यह ट्रेन मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी और न्यू कूच बिहार जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। हालांकि, बिहार के यात्रियों के लिए फिलहाल थोड़ा इंतजार है, क्योंकि वर्तमान रूट में बिहार का कोई ठहराव शामिल नहीं किया गया है। ट्रेन हावड़ा से शाम 6:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी। क्षेत्रीय खान-पान का स्वाद देने के लिए इसमें बंगाली और असमिया व्यंजनों की विशेष कैटरिंग सेवा भी शुरू की गई है। रेल मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि साल 2026 के अंत तक देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी ऐसी कई स्लीपर ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी।