रोहतक: हरियाणा के रोहतक शहर में नसबंदी के बाद एक साथ 29 कुत्तों की मौत होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामला उस समय उजागर हुआ जब इन कुत्तों के शवों पर कीड़े पड़ने की जानकारी सामने आई, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि इनकी मौत कई दिन पहले ही हो चुकी थी। इस घटना के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नसबंदी सर्जरी और उसके बाद की देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नसबंदी का कार्य करने वाली संस्था 'नैन फाउंडेशन' और रोहतक नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
The Municipal Commissioner, Dr. Anand Kumar Sharma, has constituted a seven-member probe committee led by SDM Ashish Sharma to investigate the cause of these deaths. जांच कमेटी में पशु चिकित्सक डॉ. कपिल देव और मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। यह टीम नसबंदी प्रक्रिया, शेल्टर होम की स्वच्छता और भोजन की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच करेगी। शुरुआत में नैन फाउंडेशन ने इन कुत्तों के अपने केंद्र से जुड़े होने से इनकार किया था, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि उनके यहां कुत्तों की मौत होती रहती है। संस्था के मालिक ने सात पन्नों का स्पष्टीकरण जारी कर सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश बताया है।
A shelter home employee has made shocking revelations, claiming that dogs were severely underfed and often attacked each other out of hunger. कर्मचारी के अनुसार, कुत्तों को रोजाना केवल चावल दिए जाते थे और केवल चेकिंग के समय ही उन्हें अंडा या सोयाबीन खिलाया जाता था। उसने यह भी दावा किया कि भूख के कारण कुत्ते कई बार मृत कुत्तों के शवों को ही नोचने पर मजबूर हो जाते थे। इन खुलासों के बाद प्रशासन पर शेल्टर होम की मान्यता रद्द करने और दोषियों को जेल भेजने का भारी दबाव है। वर्तमान में, नगर निगम ने नसबंदी अभियान को फिलहाल रोक दिया है और जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।