स्वां खड्ड में खनन माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक: रात के अंधेरे में पुलिस की दबिश, चार टिप्पर जब्त और माफिया के गुप्त रास्तों को बंद करने की तैयारी



संसारपुर टैरस/देहरा: पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली स्वां खड्ड के सीने को छलनी कर रहे अवैध खनन माफिया के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। शुक्रवार की देर रात करीब 11:30 बजे, जब पूरा क्षेत्र गहरी नींद में था, पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े 'सर्च एंड सीज' ऑपरेशन को अंजाम दिया। संसारपुर टैरस थाना प्रभारी संजय शर्मा और माइनिंग अधिकारी अश्वनी कौंडल की अगुवाई में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर खड्ड के भीतर अचानक छापा मारा। पुलिस की गाड़ियों की लाइट देखते ही मौके पर भगदड़ मच गई और चालक अपने टिप्पर लेकर पंजाब सीमा की ओर भागने लगे। हालांकि, टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और अवैध सामग्री से लदे 4 भारी टिप्परों को मौके पर ही दबोच लिया।

The operation has marked a significant shift in strategy as authorities have now identified the clandestine routes used by cross-border mining syndicates to enter Himachal territory. माइनिंग नोडल इंस्पेक्टर अश्विनी कौंडल ने बताया कि यह कार्रवाई जिला खनन अधिकारी राजीव कालिया के कड़े निर्देशों पर की गई है। उन्होंने घोषणा की कि केवल चालान काटना ही काफी नहीं है, बल्कि अब राजस्व विभाग के सहयोग से उन रास्तों को जेसीबी (JCB) मशीनों से खोदकर हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा, जिनका उपयोग माफिया पंजाब से हिमाचल में घुसने के लिए करता है। स्थानीय निवासियों नीरज, साहिल और राकेश ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि दिन-रात हो रही खुदाई से न केवल खड्ड का जलस्तर गिर रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।

Dehra SP Mayank Chaudhary has confirmed the legal proceedings, stating that zero tolerance will be observed against illegal mining under the Mining Act. माफिया के हौसले इतने बुलंद थे कि वे प्रशासन की पिछली चेतावनियों को नजरअंदाज कर लगातार सक्रिय थे, लेकिन इस बार की संयुक्त छापेमारी और रास्तों को बंद करने की योजना ने उनके नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पुलिस अब उन बड़े चेहरों की भी तलाश कर रही है जो इन टिप्परों के पीछे असली मास्टरमाइंड हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रात के समय पुलिस गश्त और ड्रोन निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।



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