सेंधवा में CBI का बड़ा एक्शन: 13 करोड़ के नाबार्ड लोन घोटाले में उद्योगपतियों पर छापा, फर्जीवाड़ा कर डकारे सरकारी पैसे



बड़वानी: मध्य प्रदेश के सेंधवा शहर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में दबिश दी। यह कार्रवाई नाबार्ड (NABARD) भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपये के कथित लोन घोटाले को लेकर की गई है। सीबीआई ने शहर की जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित एक रसूखदार उद्योगपति के निवास और रामकटोरा क्षेत्र सहित कई अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में कोलकाता सीबीआई की टीम ने पहले ही एफआईआर दर्ज कर रखी थी, जिसके आधार पर अब साक्ष्य जुटाने के लिए यह तलाशी ली गई है।

The scam dates back to 2019, when the accused industrialists allegedly entered into a criminal conspiracy with government officials to obtain a loan of approximately ₹13 crore under NABARD's Food Processing Fund scheme. इस भारी-भरकम राशि का उपयोग सेंधवा के समीप जामली गांव में एक 'कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना' स्थापित करने के लिए किया जाना था। परियोजना की कुल लागत ₹31 करोड़ से अधिक आंकी गई थी, जिस पर केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने लगभग ₹10 करोड़ का अनुदान (Subsidy) भी स्वीकृत किया था। आरोप है कि आरोपियों ने परियोजना को धरातल पर उतारने के बजाय फर्जी समझौतों और कागजी हेरफेर के जरिए ऋण राशि को अपनी अन्य कंपनियों और निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया।

The fraud came to light after the loan account was declared a Non-Performing Asset (NPA) in September 2024 due to consistent irregularities and non-payment. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बैंक अधिकारियों को गुमराह करने के लिए बार-बार परियोजना की समय-सीमा बढ़वाई, जबकि मौके पर काम अधूरा था। ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद नाबार्ड ने सीबीआई को औपचारिक जांच के लिए पत्र भेजा था। वर्तमान में सीबीआई की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी के बाद कुछ स्थानीय बैंक अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनसे आने वाले दिनों में पूछताछ हो सकती है।



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