सोनीपत/गुरुग्राम: एनसीआर के दो प्रमुख शहरों से अपराध की रूह कंपा देने वाली खबरें सामने आई हैं। सोनीपत के गांव दहिसरा से पिछले चार दिनों से लापता एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार शाम को 40 वर्षीय संजय का सिर कटा शव दिल्ली की सीमा में स्थित गांव पल्ला के एक ट्यूबवेल के पास से बरामद हुआ। मृतक संजय कुंडली स्थित निफ्टम (NIFTEM) संस्थान में हाउसकीपिंग कर्मचारी था और 25 जनवरी की सुबह अपनी साली के घर दहिसरा से अचानक लापता हो गया था। संजय की पत्नी नीलम ने कुंडली थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन अंततः उसकी क्षत-विक्षत लाश मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। The Brutal Murder of a NIFTEM Employee has sent shockwaves across the Sonipat-Delhi border as police recover a decapitated body from the fields.
इधर गुरुग्राम के सेक्टर-57 इलाके में एक युवती के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण और प्रताड़ना का शर्मनाक मामला सामने आया है। सेक्टर-56 थाना पुलिस ने मुंबई के रहने वाले आकाश यादव के खिलाफ रेप, जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 24 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2025 में उसकी मुलाकात आकाश से हुई थी, जिसने शादी का झांसा देकर साल भर तक उसके साथ दरिंदगी की। जब युवती गर्भवती हुई, तो आरोपी ने शादी करने के बजाय जबरन उसका गर्भपात करा दिया और विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा। This Heinous Case of Sexual Exploitation in Gurugram highlights the betrayal of trust and the extreme physical and mental trauma inflicted on the victim.
सोनपत हत्याकांड के मामले में दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। संजय का गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या की वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की मदद से कातिलों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। वहीं गुरुग्राम मामले में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 69, 79, 88 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुंबई और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। The Intensive Police Investigation in Both Cases aims to bring the perpetrators of these grave crimes to justice at the earliest.
इन घटनाओं ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जहाँ एक ओर परिवार के मुखिया की निर्मम हत्या से दहिसरा गांव में मातम पसरा है, वहीं गुरुग्राम की घटना ने रिश्तों की आड़ में छिपे दरिंदों के चेहरे बेनकाब किए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोनों ही मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान किया जाएगा। These Twin Criminal Acts in Haryana serve as a grim reminder of the need for stricter surveillance and swift judicial action against perpetrators of violence.