देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 8 अहम प्रस्तावों पर सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इन फैसलों का ब्यौरा साझा किया। सरकार ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए 'उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026' को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन पर दी जाने वाली सब्सिडी का निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। The Approval of Uttarakhand Hydrogen Policy 2026 marks a significant step towards sustainable energy and industrial growth in the Himalayan state.
कैबिनेट ने राजस्व और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं। अब सरकार को किसी परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर अनिवार्य भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के बजाय सीधे मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने का अधिकार होगा। इसके अलावा, सिडकुल को पराग फार्म की जमीन के मामले में सब-लीज करने का अधिकार दिया गया है, हालांकि इसे बेचने या पट्टे पर देने पर पाबंदी रहेगी। जल संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने अब औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसायटियों में भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर शुल्क (Water Tax) लगाने का निर्णय लिया है। This New Ground Water Usage Charge is aimed at regulating industrial water consumption and preserving the state's natural resources.
सामरिक दृष्टि से एक बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को रक्षा मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से संचालित करने पर सहमति दे दी है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की आवाजाही और नागरिक उड़ानों को बेहतर तालमेल मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन कर जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय के गठन का मार्ग प्रशस्त किया गया है, जिसका अध्यादेश आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। The Joint Operation of Chinyalisaur and Gauchar Airstrips with the Ministry of Defence highlights the strategic importance of Uttarakhand’s border infrastructure.
स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के मोर्चे पर भी कैबिनेट ने राहत दी है। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कार्यकर्ताओं को अब आपसी सहमति से जिला तबादले (Transfer) की सुविधा मिलेगी। वहीं, जनजाति बहुल इलाकों के बेहतर विकास के लिए देहरादून और ऊधमसिंह नगर समेत चार जिलों में जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पद सृजित किए गए हैं। इन फैसलों से न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। These Pro-Employee and Tribal Welfare Decisions by the Dhami cabinet aim to strengthen grassroots governance and improve service delivery across the state.