सुखबीर बादल को अदालत से मिली बड़ी राहत: 8 साल पुराने मानहानि मामले में मिली जमानत, गैर-जमानती वारंट हुए रद्द

 


चंडीगढ़/मोहाली: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को शनिवार, 17 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ जिला अदालत से एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने सुखबीर बादल को 8 साल पुराने एक मानहानि मामले में जमानत दे दी है। गौरतलब है कि इससे पहले अदालत ने पेश न होने के कारण उनकी जमानत रद्द कर दी थी और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। शनिवार को सुखबीर बादल व्यक्तिगत रूप से एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की अदालत में पेश हुए, जहाँ उन्होंने जमानत के लिए आवेदन किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

The defamation case dates back to 2017, when Rajinder Pal Singh, a spokesperson for Akhand Kirtani Jatha, filed a complaint against Badal for allegedly labeling the organization as a political front for the banned terror outfit Babbar Khalsa International. यह मामला 4 जनवरी, 2017 का है, जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मोहाली निवासी राजेंद्र पाल सिंह के घर गए थे। इस मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने कथित तौर पर मीडिया में बयान दिया था जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने आईपीसी की धारा 499 के तहत यह मामला दर्ज कराया था। सुखबीर बादल ने इस केस को खारिज कराने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्हें निचली अदालत में सुनवाई का सामना करना पड़ रहा है।

The court has directed the SAD chief to ensure his presence in future hearings to avoid any further legal complications. 17 दिसंबर 2025 को अदालत में पेश न होने के कारण सुखबीर बादल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद अब उन्हें राहत मिली है। सुखबीर बादल के वकीलों ने दलील दी कि राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण पिछली तारीख पर वे पेश नहीं हो सके थे। जमानत मिलने के बाद अकाली दल के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। फिलहाल, इस मानहानि मामले की अगली सुनवाई की तारीख अदालत द्वारा तय की जाएगी, जहाँ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर विचार होगा।


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