हिमाचल कैबिनेट में कलह और नशे के खिलाफ जंग: मंत्री जगत सिंह नेगी ने विक्रमादित्य सिंह पर साधा निशाना, बैंक कर्मियों ने ली नशा-मुक्त प्रदेश की शपथ

 


शिमला/सोलन: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के भीतर मंत्रियों के बीच छिड़ा वाकयुद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे सरकार दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला है। सोलन के नौणी विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि जो लोग फैसले नहीं ले पाते और अपनी बात प्लेटफार्म के बजाय सीधे जनता के बीच रखते हैं, वह ठीक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपनी बात रखने के लिए निर्धारित प्लेटफार्म का उपयोग करना चाहिए। इस राजनीतिक खींचतान के बीच नेगी ने बागवानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार कीटनाशक दवाइयों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही कानून बनाने पर विचार कर रही है, क्योंकि वर्तमान में इनकी कीमतें बेलगाम हैं।

The internal friction comes at a time when Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu has called for absolute unity to tackle state issues, including the legal cultivation of cannabis for industrial and medicinal purposes. जगत सिंह नेगी ने बताया कि भांग की खेती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए कृषि व बागवानी विश्वविद्यालयों को फंड जारी कर दिए गए हैं। औद्योगिक खेती पूरे प्रदेश में होगी, जबकि औषधीय खेती के लिए विशेष क्षेत्र चिन्हित किए जाएंगे। दूसरी ओर, नशे के बढ़ते प्रकोप, विशेषकर 'चिट्टा' के खिलाफ मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत शनिवार को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर नशा-मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की है।

The Sukhu administration is pushing for a drug-free "Devbhoomi" while simultaneously trying to manage the public disagreements between its senior cabinet members. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बैंक निदेशक मंडल के सदस्य देवेंद्र नेगी और सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि समाज को भी जागरूक करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार एक ओर जहाँ आर्थिक मजबूती के लिए भांग की खेती जैसे नवाचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर कैबिनेट के भीतर बढ़ता असंतोष सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के बीच के इस गतिरोध को सुलझा पाते हैं या यह दूरियां और बढ़ेंगी।


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