योगी आदित्यनाथ को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की चुनौती: '40 दिन में गौहत्या रोकें और खुद को साबित करें हिंदू प्रेमी'



वाराणसी/प्रयागराज: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें 'हिंदू प्रेम' साबित करने की सीधी चुनौती दी है। वाराणसी में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री को 40 दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश में Cow Slaughter (गौहत्या) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू होने की पहली सीढ़ी 'गौ-प्रेमी' होना है और अब समय आ गया है कि सरकार गाय को 'राष्ट्र माता' घोषित करे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसी के साथ प्रयागराज संगम तट पर पिछले 11 दिनों से जारी अपने धरने को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा की। गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रशासन द्वारा संगम स्नान से रोके जाने के विरोध में वह 18 जनवरी से धरने पर बैठे थे। उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा, "जब मैं 11 दिन तक वहां बैठा रहा, तब किसी अधिकारी ने स्नान के लिए नहीं पूछा। अब बहुत देर हो चुकी है, मैं अगले साल माघ मेले में ससम्मान स्नान करूंगा।"

शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी पहचान के प्रमाण मांगे थे जो उन्होंने प्रस्तुत कर दिए हैं, लेकिन अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदूवादी होने का प्रमाण देना होगा। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश से Beef Export (गोमांस निर्यात) को पूरी तरह बंद किया जाए। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। हिंदू संगठनों और संतों के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की इस मांग को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है, जो आने वाले समय में Yogi Adityanath सरकार के लिए एक नई चुनौती बन सकती है।



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