तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान में पिछले 18 दिनों से जारी भीषण विरोध-प्रदर्शनों और उन पर हो रहे दमन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खामेनेई शासन को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि ईरान ने अपने नागरिकों के खिलाफ हिंसा और हत्याओं का सिलसिला नहीं रोका, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप (Military Action) से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के फारसी अकाउंट और ट्रुथ सोशल के जरिए घोषणा की कि "ईरानी देशभक्तों, मदद रास्ते में है।" रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने 8 प्रमुख राजनीतिक कैदियों की सूची जारी कर उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है।
The Trump administration's demand specifically names high-profile activists, including Nobel Peace Prize winner Narges Mohammadi, student leader Majid Tavakoli, and human rights defender Hossein Ronaghi, who have been languishing in the notorious Evin Prison. ट्रंप प्रशासन ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका इन कैदियों को भूला नहीं है और उनकी रिहाई अंतरराष्ट्रीय दबाव का प्राथमिक एजेंडा होगी। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक 'साहसिक' कार्रवाई (कथित तौर पर अगवा करने की घटना) को अंजाम दे चुके हैं, जिससे ईरान के रक्षा गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है। अमेरिका ने ईरान के उन व्यापारिक भागीदारों पर 25% टैरिफ लगाने की भी धमकी दी है जो इस शासन का साथ दे रहे हैं।
Despite the threats of 'Locked and Loaded' US military assets in the Gulf, the Iranian government remains defiant, labeling the protesters as "terrorists" funded by foreign powers. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने दो टूक कहा है कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इस बीच, वॉशिंगटन ने शुक्रवार को उन पांच ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं जिन्हें प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने का दोषी माना गया है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया है कि वे "अपने संस्थानों पर कब्जा करें" और उन हत्यारों के नाम सहेज कर रखें जिन्होंने मासूमों का खून बहाया है।