योगी आदित्यनाथ का बड़ा संकल्प: 196 करोड़ से चमकेगी राजस्व विभाग की सूरत, बापू की पुण्यतिथि पर लिया विकसित भारत का संकल्प



लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने के लिए Revenue Department की आधारभूत संरचना को मजबूत करने का बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 196.39 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है, जिससे प्रदेश के विभिन्न जनपदों और तहसीलों में नए राजस्व भवनों, कलेक्ट्रेट कार्यालयों और आवासीय परिसरों का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। ओबरा, अमरोहा, विधूना, कुरावली और नौगढ़ जैसी तहसीलों में आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन तैयार किए जा रहे हैं, ताकि एक ही छत के नीचे जनता के सभी राजस्व संबंधी कार्य सुचारू रूप से पूरे हो सकें।



राजस्व विभाग के विकास कार्यों को रफ्तार देने के साथ ही, मुख्यमंत्री ने Mahatma Gandhi Death Anniversary (पुण्यतिथि) के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ के जीपीओ पार्क में राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कुछ क्षण मौन रहकर उन्हें नमन किया और आमजन से उनके सत्य, अहिंसा और करुणा के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा गाए गए बापू के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजाराम' की गूँज ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बापू के सपनों का 'रामराज्य' तभी संभव है जब शासन की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। इसी विजन के साथ गोरखपुर, मेरठ और संभल में कलेक्ट्रेट भवनों की मरम्मत और महाराजगंज में बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, अयोध्या, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में राजस्व अधिकारियों के लिए टाइप-4 आवासों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जा रही है। सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि Viksit Bharat के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाएगा।



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